बुधवार, 3 नवंबर 2010

अंधकार को क्यों धिक्कारें, अच्छा है एक दीप जला लें



दीप पर्व पर सभी मित्रों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
सादर आपका
संजय द्विवेदी

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामना!

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  2. मावस जब भी आए
    हम सब दीप जलाएं
    राम भरत से भाई
    घर घर में बस जाएं।

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  3. सही कहा आपने। अंधकार को धिक्कारने से अच्छा है एक दीप जला लें।
    आपको और आपके परिवार को महापर्व दीपोत्सव की शुभकामनाएं।

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  4. 'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ' यानी कि असत्य की ओर नहीं सत्‍य की ओर, अंधकार नहीं प्रकाश की ओर, मृत्यु नहीं अमृतत्व की ओर बढ़ो ।

    दीप-पर्व की आपको ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं ! आपका - अशोक बजाज रायपुर

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